न जाने क्यूं ,बेज़ुबान घुँघरू की बोली हमें कुछ जता रही थी। न जाने क्यूं ,बेज़ुबान घुँघरू की बोली हमें कुछ जता रही थी।
नदिया के बीच तुम्हारी बहनों के बड़े-बड़े मगरमच्छों के परिवार है! नदिया के बीच तुम्हारी बहनों के बड़े-बड़े मगरमच्छों के परिवार है!
जिन हाथों से तूने दिन भर उसकी भूख को मिटाया था उन काँपते हाथों को भी मैंने उसको झटकते जिन हाथों से तूने दिन भर उसकी भूख को मिटाया था उन काँपते हाथों को भी मैंने उस...
जानती है पढ़ना भ्राता का अंतर्मन अंतर्यामी होती है ममतामयी बहन। जानती है पढ़ना भ्राता का अंतर्मन अंतर्यामी होती है ममतामयी बहन।
फोन लगातार बज रही थी, मैं अनमने हो देखा, कोई अनजान नम्बर, फिर सोचा छोड़ो, फोन लगातार बज रही थी, मैं अनमने हो देखा, कोई अनजान नम्बर, फिर सोचा छोड़ो...
हमारी माँ का साथ हमारे जीवन में बना रहे। हमारी माँ का साथ हमारे जीवन में बना रहे।